नई दिल्ली, नवम्बर 10 -- मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रहने वाले 81 साल के बुजुर्ग रामसेवक गुप्ता ने रेलवे की लापरवाही के कारण लेट हुई ट्रेन के बाद चुप बैठने की जगह इसके खिलाफ आवाज उठाने का फैसला लिया। उन्होंने 12 साल लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। आखिरकार मप्र राज्य उपभोक्ता फोरम ने उनकी बात मानी और रेलवे को हर्जाने के तौर पर 15 हजार रुपए देने का आदेश दिया। आयोग ने सुनवाई के दौरान अनुपस्थित रहने क़ो गंभीरता से लेते हुए 10 हजार रुपए अतिरिक्त कॉस्ट भी लगाई। मामला साल 2013 का है। दरअसल डाल बाजार में रहने वाले रामसेवक गुप्ता अपने बेटे के साथ ग्वालियर से शताब्दी एक्सप्रेस से आगरा जा रहे थे, जहां से उन्हें अहमदाबाद के लिए फोर्ट स्टेशन से अगली एक्सप्रेस ट्रेन पकड़नी थी, लेकिन शताब्दी एक्सप्रेस ग्वालियर से आगरा के बीच रास्ते में ढाई घंटे खड़ी रही। इस व्यवधा...
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