नवादा, मार्च 11 -- नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। दूसरे राज्यों या विदेशों में रोजी-रोटी के लिए रहनेवाले जिले के प्रवासियों का लग्न के समय व अन्य दिनों किसी ना किसी काम से अपने घर आना-जाना लगा रहता है, लेकिन सबसे अधिक प्रवासी हर साल मुख्य पर्व-त्योहारों पर अपने गांव व घर जरूर आते हैं। अभी होली जैसे प्रमुख पर्व को लेकर प्रवासी अपने-अपने घरों को लौट रहे हैं, लेकिन ट्रेन व बसों की ऐसी हालत है कि बैठने तक की जगह नहीं मिल रही है। परदेसी खड़े-खड़े ही घंटों सफर तय कर अपने घर पहुंच रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, जिले के करीब एक लाख प्रवासी परिवार रोजी-रोटी के लिए दूसरे राज्यों या विदेशों में रहते हैं। इसमें से आधे से कुछ कम यानी लगभग 40 हजार के करीब प्रवासी परिवार हर साल मुख्य पर्व-त्योहारों में घर जरूर पहुंचते हैं। अभी होली को लेकर अधिकांश प्रवास...
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