गोरखपुर, सितम्बर 27 -- गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के ट्रॉमा सेंटर एंड इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में मरीजों का दबाव बढ़ता जा रहा है। एम्स के 22 बेड वाले ट्रॉमा एंड इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में रोजाना 200 से 300 के बीच में मरीज पहुंच रहे हैं। विभाग में निर्धारित बेड संख्या से कम चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ तैनात हैं। दबाव के चलते मरीजों का स्ट्रेचर और व्हील चेयर पर इलाज किया जा रहा है। एम्स में गोरखपुर, बस्ती, आजमगढ़, देवीपाटन मंडल के अलावा बिहार के पांच जिले और नेपाल से गंभीर मरीज ट्रामा सेंटर पहुंच रहे हैं। जबकि यहां पर मरीजों के इलाज के लिए सिर्फ 22 बेड ही मौजूद रहते हैं। इनमें से भी ज्यादातर बेड पर मरीज भर्ती रहते हैं। ऐसे में ट्रॉमा सेंटर के चिकित्सक ज्यादातर मरीजों को प्राथमिक उपचार से ठीक करने के ब...
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