वॉशिंगटन, जुलाई 22 -- यूक्रेन अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए कुछ वैसा ही साबित हो रहा है, जैसे जो बाइडेन के लिए अफगानिस्तान हुआ था। हालांकि यूक्रेन में अमेरिकी सेना लड़ाई के मैदान में नहीं उतरी है। इसके बावजूद शांति स्थापित करने की कोशिशों दिन प्रति दिन बढ़ती नाकामी, ट्रंप को बाइडेन के रास्ते पर ला रही है। बता दें कि जो बाइडेन ने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान अफगानिस्तान में तालिबान को हराने की पूरी कोशिश की। लेकिन उन्हें नाकामी ही हाथ लगी। आखिर में अमेरिकी सेना को बोरिया-बिस्तरा समेटकर अफगानिस्तान छोड़ना पड़ा। ट्रंप के लिए मुश्किलअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यूक्रेन में शांति के लिए कई बार ऐलान कर चुके हैं। लेकिन उनके बार-बार ऐलान के बावजूद जमीनी स्तर पर कुछ हो नहीं रहा है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन लगातार हमलावर हैं। पुतिन के बढ़ते ...
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