नई दिल्ली, मई 13 -- नई दिल्ली, मदन जैड़ा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाल के बयानों से भारत असहज है। इन बयानों के चलते घरेलू राजनीतिक मोर्चे पर केंद्र सरकार के लिए दुश्वारियां पैदा हो रही हैं। विपक्ष ट्रंप के बयान के आधार पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। कूटनीतिक जानकारों का कहना है कि ट्रंप के बयान से भारत की नीति नहीं बदलने वाली है। उल्टे, कश्मीर को लेकर भारत का रुख पहले की अपेक्षा कहीं ज्यादा कठोर हुआ है। 10-12 मई के बीच ट्रंप के चार बयान आए हैं, जो चुभने वाले हैं। 10 मई को ट्रंप ने भारत-पाक के बीच संघर्ष विराम का ऐलान करके चौंका दिया और इसे अपनी रातभर की बातचीत का नतीजा बताया। एक बयान में उन्होंने कश्मीर मुद्दे को सुलझाने के लिए मध्यस्थता का प्रस्ताव दिया। फिर, भारत-पाकिस्तान को बराबरी में तौलते हुए महान देश बताया। उन्हों...
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