नई दिल्ली, जून 5 -- हाल के महीनों में वैश्विक मंच पर भू-राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। एक तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी दूसरी पारी में आक्रामक व्यापार नीतियों और कूटनीतिक दबाव के साथ उभरे हैं, वहीं भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। इस बीच, भारत के पुराने और भरोसेमंद दोस्त रूस ने रूस-भारत-चीन (RIC) त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन को दोबारा खड़ा करने का प्रस्ताव रखा है, जिसे भारत ने सकारात्मक रूप से लिया है। यह कदम न केवल भारत की मल्टी-अलाइनमेंट नीति को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि भारत ट्रंप के दबाव के सामने झुकने को तैयार नहीं है। आइए, इस पूरे घटनाक्रम को समझते हैं और जानते हैं कि RIC की वापसी भारत के लिए क्या मायने रखती है।RIC क्या है और क्यों पड़ा ठंडे बस्ते में? RIC यान...
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