चित्रकूट, जनवरी 19 -- चित्रकूट, संवाददाता। कोषागार घोटाले की छानबीन कर रही एसआईटी को विभागीय कर्मियों के बैंक खातों में हुए ट्राजेक्शन खंगालने पर चौकाने वाले तथ्य मिले है। घोटाले के मास्टर माइंड सहायक लेखाकार ने दलालों के जरिए पेंशनरों से वसूली गई हिस्से की रकम को ट्यूशन टीचर के खाते का माध्यम बनाया। ट्यूशन टीचर के खाते में नकद धनराशि जमा कराने के बाद फिर उससे अपने बैंक अकाउंट में ट्रांजेक्शन कराया। एसआईटी ने ट्यूशन टीचर को चिन्हित कर तलाश शुरु की तो वह भूमिगत हो गया। वर्ष 2018 से 30 सितंबर 2025 तक कोषागार से 93 पेंशनरों के खातों में अनियमित भुगतान कर 43 करोड़ 13 लाख रुपये के हुए गबन मामले की जांच पिछले तीन माह से एसआईटी कर रही है। छानबीन के दौरान एसआईटी को काफी चौकाने वाले तथ्य मिले है। एसआईटी ने अभी तक पेंशनरों को अपने बुने जाल में फंसाक...
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