जमशेदपुर, मार्च 4 -- महिलाओं के गर्भाशय में ट्यूमर या कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी होने पर ही गर्भाशय निकालने का प्रयास करना चाहिए। इसके अलावा किसी भी बीमारी में दवा से इसका इलाज का प्रयास करना चाहिए। अन्यथा यह बीमारियों का घर हो सकता है। यह बात फॉग्सी के प्रतिनिधि के रूप में सिलीगुड़ी डॉ. प्रियंकर ने कहीं। वे फॉग्सी के प्रतिनिधि के रूप में सेव द यूट्रस नामक अभियान के प्रति यहां के डॉक्टरों को जागरूक करने आए थे। उन्होंने बताया कि इससे जुड़ी बहुत तरह की बीमारियां होती हैं, जिसे दवाइयों से ठीक किया जा सकता है। इसके लिए बाजार में बहुत तरह की दवाइयां उपलब्ध हैं। कम उम्र की महिलाओं की निकाल दी जाती है बच्चेदानी उन्होंने कहा कि सुदूर या ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं ज्यादा होती हैं, जिससे वहां बीमारियां बढ़ रही हैं। डॉ. रेणुका चौधरी ने बता...
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