कानपुर, फरवरी 18 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। एक व्यक्ति ने कान में दर्द होने पर डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने ट्यूमर की बात कहते हुए ऑपरेशन कर दिया। जब फायदा नहीं मिला तो फिर उन्हें दिखाया। इस बार कैंसर बताया गया। वहीं जब अन्य डॉक्टर को दिखाया तो पता चला कि न तो कान में ट्यूमर है और न ही कैंसर। ऑपरेशन बेवजह ही कर दिया गया। इस पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने इलाज में खर्च हुए 62,300 रुपये वापस करने का आदेश दिया है। सात हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति और वाद व्यय भी देने का आदेश दिया है। मुकदमा दाखिल करने की तारीख से भुगतान की तिथि तक सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने के लिए भी कहा है। अनवरगंज के किशन कुमार कुशवाहा ने नौ जुलाई, 2015 को ईएनटी डाइग्नोस्टिक्स मीना टॉवर आर्यनगर के डॉ. एनएस वाल्दिया के खिलाफ मुकदमा दाखिल किया था। बतौर आरोप उनक...