रामपुर, जनवरी 8 -- कोयला हाईवे टोल प्लाजा पर मॉकड्रिल कराते हुए मास्टर ट्रेनर एवं मनोचिकित्सक डा. कुलदीप सिंह चौहान ने कहा कि इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य घायलों को बिना किसी अतिरिक्त चोट (जैसे स्पाइनल इंजरी) के सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना या फिर नजदीक के अस्पताल पहुंचाना है। घायलों को सुरक्षित स्थानांतरण के दौरान घायलों को उठाते समय उनकी रीढ़ की हड्डी और गर्दन को स्थिर रखने के लिए लॉग रोल और लिफ्ट एंड शिफ्ट विधियों में अभ्यस्त रहना जरूरी है। इसके लिए नियमित अंतराल पर अभ्यास करना जरूरी है। डा. चौहान ने कहा कि गोल्डन ऑवर का महत्व तभी सार्थक है जबकि त्वरित और कुशल शिफ्टिंग से घायल को दुर्घटना के बाद एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचा दिया जाए, जिससे जीवित रहने की संभावना बनी रहे। प्रशिक्षक शबाना ने कहा कि टीम वर्क तकनीक सिखाती है कि कैसे 3-4 लोग म...