कानपुर, दिसम्बर 3 -- कानपुर दक्षिण, संवाददाता। साकेतनगर के उस घर में अब मायूसी है, जहां दो दिन पहले तक रौनक रहा करती थी। रौनक के जाने से इस घर की रंगत ही चली गई। 12वीं के छात्र रौनक पाठक की आत्महत्या से परिजन ही नहीं पड़ोसी भी अवाक हैं। उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा कि हाईस्कूल में 97.40 प्रतिशत नंबर लाने वाला रौनक इंटर की प्री-बोर्ड परीक्षा के तनाव में जान दे देगा। उधर, इकलौते बेटे की मौत से मां बेहाल है। अपने कलेजे के टुकड़े के कपड़े छाती से चिपकाकर जार-जार रो रही। पिता आलोक और बहन मिनी के भी आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। दो दिन हो गए घर में चूल्हा तक नहीं जला। रौनक की मौत की खबर सुनकर मंगलवार को उसके दोस्त भी घर पहुंचे। रौनक के माता-पिता से मुलाकात कर ढांढस बंधाया। साकेतनगर निवासी आलोक पाठक का इकलौता बेटा 18 वर्षीय रौनक 12वीं का छात्र था।...
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