नई दिल्ली, जनवरी 8 -- सफलता का असली रहस्य किताबों के ढेर या परीक्षा के अंकों में नहीं, बल्कि आपके दिमाग के उस 'कंट्रोल रूम' में छिपा है जिसे हम माइंडसेट कहते हैं। ज्यादातर लोगों को लगता है कि टॉपर बच्चों में अनुवांशिक गुण छिपे होते हैं। लेकिन आधुनिक शोध इस धारणा को सिरे से खारिज करते हैं। दरअसल , एक औसत छात्र और एक टॉपर बच्चे के बीच का सबसे बड़ा अंतर उनकी मेहनत नहीं, बल्कि चुनौतियों को देखने का उनका नजरिया होता है। जब आप अपनी क्षमताओं को 'स्थिर' मानने की जगह उन्हें 'विकसित' करने वाला मान लेते हैं, तो दिमाग के सीखने की गति अपने आप बढ़ जाती है। एक्टिव रिकॉल और सेल्फ-रेगुलेशन जैसे वैज्ञानिक तरीके केवल तकनीकें नहीं हैं, बल्कि ये आपके मस्तिष्क को फिर से 'वायर' करने के साधन हैं। आइए जानते हैं 5 ऐसे माइंडसेट, जो किसी भी छात्र के सीखने की क्षमता को...