नई दिल्ली, सितम्बर 1 -- अमेरिका के मतवाले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत से आने वाले निर्यात पर दो किस्तों में कुल 50 फीसदी शुल्क (टैरिफ) लगाने से भारत के कई व्यापारिक सेक्टर पर गहरा असर पड़ने की गंभीर आशंका है। नरेंद्र मोदी सरकार इन सेक्टर्स के लिए दूसरे बाजार (देश) की तलाश में जुटी हुई है। लेकिन ट्रंप के टैरिफ से परेशान लोगों को पूर्व राष्ट्रपति एपीजी अब्दुल कलाम आजाद की एक बात याद करनी चाहिए। तब पोखरण में दूसरे परमाणु परीक्षण के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में चल रही एक बैठक में कलाम ने वहां मौजूद लोगों से कह दिया था कि किसी तरह अमेरिका का प्रतिबंध 10 साल चलवा दीजिए तो भारत अपने पैरों पर खड़ा हो जाएगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के विचारक, पत्रकार और अर्थशास्त्री स्वामीनाथन गुरुमूर्ति ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौर...
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