जमुई, दिसम्बर 13 -- झाझा । निज संवाददाता टे्रन से असलहों की खेप बरामदगी के तीन दिनों बाद भी इस मामले में रेल पुलिस के हाथ खाली दिख रहे हैं। हथियारों की तस्करी किस मक्सद् से की जा रही थी और कौन लोग तस्करी के इस धंधे से जुड़े थे,पुलिस को अब तक भी इन सवालों का न जवाब मिल पाया है, न ही इस बावत कोई सुराग। हालांकि,रेल पुलिस ने मामले को काफी गंभीरता से लिया है और मामले की तह तक जाने पहुंचने को ले काफी शिद्दत व संवेदनशीलता के साथ जुटी बताई जाती है। किंतु,मामले के उद्भेदन में कई अफसोसजनक स्थितियां उद्भेदन की राह को फौरी तौर पर शायद पुलिस के लिए मुश्किल बनाए हुए है। इनमें हथियार तस्कर के संभवत:मौके से खिसक जाने की वजह से असलहों का लावारिस हाल में मिलना। और....दूसरा अफसोसजनक पहलू किऊल स्टेशन का सीसीटीवी का निष्क्रिय होना। किऊल के रेल डीएसपी (डीएसआरपी...