गिरडीह, फरवरी 15 -- गोपीकृष्ण वर्मा सियाटांड़। बेंगाबाद-चतरो मुख्य मार्ग बिहार-झारखंड के लिए व्यवसायिक दृष्टिकोण से लाइफ लाइन मार्ग है जिसपर हर रोज हजारों ट्रक बिहार-झारखंड आवाजाही करते हैं। परंतु उक्त मार्ग का दुर्भाग्य ही मानिए कि टेंडर के छह महीने बाद भी उसका जिर्णोद्धार शुरू नहीं हो सका है। सड़क मरम्मत नहीं होने से सड़क पर ऐसे धूल-कण उड़ते हैं जैसे भरपूर कुहासे का प्रकोप हो। इससे सड़क किनारे रहने वाले ग्रामीण ह्रदय रोग का शिकार हो रहे हैं। वहीं गड्ढे में भरे बोल्डर बाइक चालकों के लिए काल साबित हो रहा है। अगस्त 2025 में हुआ टेंडर, पर मरम्मत कार्य शुरू नहीं बताते चलें कि 28 किलोमीटर लंबा उक्त मार्ग में दर्जनों जगह सड़क बड़े-बड़े गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। बरसात के दौरान हर रोज दर्जनों वाहन दुर्घटना के शिकार हो चुके हैं। अखबारों में ख़...
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