मधुबनी, जनवरी 5 -- मधुबनी, एक संवाददाता। सदर अस्पताल परिसर में टीबी ओपीडी के समीप ही चाइल्ड ओपीडी, एचआईवी और अन्य विभागों का संचालन किया जा रहा है। इससे इलाज कराने आए सामान्य मरीजों, बच्चों और महिलाओं को टीबी मरीजों के संपर्क में आने से संक्रमण का खतरा बना रहता है। मरीजों और उनके परिजनों में इसे लेकर लगातार चिंता देखी जा रही है। टीबी वार्ड से जुड़ी आवश्यक सेवाएं अस्पताल में एक ही जगह न होकर अलग-अलग स्थानों पर संचालित हो रही हैं। सीबी नाट/ट्रू नाट जांच लैब, डीआर-टीबी यूनिट, टीबी प्रशासनिक शाखा, एक्स-रे, पैथोलॉजी और टीबी एडमिट वार्ड अलग-अलग भवनों में स्थित हैं। इससे मरीजों को जांच और इलाज के लिए बार-बार जगह बदलनी पड़ती है। मरीजों को ट्रांजिट में हो रही भारी परेशानी टीबी मरीजों को एक विभाग से दूसरे विभाग तक जाने में काफी समय और श्रम लग रहा ह...