प्रयागराज, जनवरी 4 -- केंद्र सरकार ने साल 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने का सपना देखा था, लेकिन जिले के ताजा आंकड़े थोड़ी चिंता बढ़ाने वाले हैं। हैरानी की बात यह है कि गांव की खुली हवा के मुकाबले शहर की भागदौड़ और प्रदूषण भरी जिंदगी लोगों को ज्यादा बीमार बना रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों को देखें तो इस साल जनवरी से नवंबर के बीच ग्रामीण इलाकों में जहां 9,813 मरीज मिले, वहीं शहरी इलाकों में यह आंकड़ा 10,729 रहा। यानी शहरों में गांवों से करीब 900 मरीज ज्यादा मिले हैं। जानकारों का मानना है कि शहर का बढ़ता वायु प्रदूषण टीबी के फैलाव की एक बड़ी वजह है, हालांकि अधिकारी यह भी तर्क दे रहे हैं कि अब जागरूकता बढ़ने से लोग खुद जांच के लिए आगे आ रहे हैं, इसलिए मरीजों की संख्या ज्यादा दिख रही है। अगर हम इलाकों की बात करें तो शंकरगढ़, कोटवा और कोरा...