कटिहार, जनवरी 7 -- कटिहार, वरीय संवाददाता ठंड हर साल आती है, लेकिन कटिहार के गरीबों और दिहाड़ी मजदूरों के लिए यह मौसम सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि रोज़-रोज़ की सज़ा बन जाता है। जब शहर के पक्के मकानों में लोग रजाई ओढ़कर चैन की नींद लेते हैं, तब झुग्गी-झोपड़ियों और सड़क किनारे बसे परिवार ठिठुरती रातें जागकर काटते हैं। इस आस में की कब सुबह होगा। सुबह भी जब सूर्य भगवान दर्शन न दें तो स्थिति और भी भयावह हो जाता है। निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 25 में रहने वाले गरीब और मजूदरी कर परिवार का जीवन चला रहे लोगों ने कहा कि पांच साल पुरानी कंबल में इस सर्द रात को पार करना चुनौती बन जाता है। कभी माता-पिता तो कभी बच्चे बीमार हो जाते है। अंबेडकर कॉलोनी में रहने वाले गौतम, मिथुन मलिक मजदूरी करके अपना पालन पोषण करते है। वे बताते है कि बीते 10दिनों से दिन-रात ठंड क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.