नई दिल्ली, दिसम्बर 14 -- टीकाकरण से बच्चों में ऑटिज्म होने संबंधी वर्षों पुराना विवाद अब थम सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शुक्रवार को स्पष्ट कर दिया कि इस बाबत कोई वैज्ञानिक सुबूत नहीं है। इसके लिए वैक्सीन सुरक्षा पर डब्ल्यूएचओ की वैश्विक विशेषज्ञ समिति ने जनवरी, 2010 से लेकर अगस्त, 2025 तक प्रकाशित 31 शोध अध्ययनों सहित तमाम वैज्ञानिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया और यह निष्कर्ष निकाला कि गर्भावस्था व बचपन के दौरान लगने वाले टीके किसी भी तरह से नुकसानदेह नहीं हैं। दरअसल, यह पूरा विवाद साल 1998 में तब शुरू हुआ था, जब लैंसेट पत्रिका में छपे एक शोध अध्ययन में दावा किया गया कि एमएमआर टीका से ऑटिज्म होता है। उस अध्ययन में 12 मामलों का जिक्र किया गया था, हालांकि उसमें वैज्ञानिक पहलुओं का अभाव था, जिसके कारण बाद में पत्रिका ने अपना...