कानपुर, दिसम्बर 8 -- कानपुर देहात। टीईटी अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों के संयुक्त संगठनों के जरिए विरोध के स्वर और तेज हो चले है। बीते दिनों दिल्ली में आयोजित एक धड़े के कार्यक्रम के बाद दूसरे धड़े की अनुमति निरस्त किए जाने के बाद शिक्षक संगठनों की ओर से अब सांसदों सहित अन्य जनप्रतिनिधयों को ज्ञापन सौंपने की रणनीति तय की गई है। संगठन पदाधिकारियों की ओर से टीईटी से राहत प्रदान करने के लिए ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम जारी है। अखिल भारतीय शैक्षिक महासंघ के साथ जूनियर प्राइमरी शिक्षक संघों की ओर से टीईटी मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन की रणनीति शिक्षकों के साथ विचार-विमर्श के बाद अब जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंप ध्यान आकृष्ट करने पर जारी है। इधर शिक्षक विरोध के बीच टीईटी तैयारी में भी जुटे है। कई शिक्षकों का मानना है कि विरोध के साथ खुद की तैयारी क...