गाजीपुर, सितम्बर 11 -- गाजीपुर, संवादाता। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने बुधवार को एक पत्र भारत के प्रधानमंत्री, शिक्षा मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, बेसिक शिक्षा मंत्री को भेजा। अधिनियम में संशोधन कर टीईटी अनिवार्यता को समाप्त करने की बात कही। उन्होंने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत शिक्षक नियुक्ति और प्रोन्नति के लिए टीईटी परीक्षा को पास करना अनिवार्य किया गया था। अधिनियम लागू होने से पहले काम कर रहे शिक्षकों को टीईटी पास करने से संबंधित कोई आदेश दिशा निर्देश सरकार नहीं था। लेकिन कुछ दिन पहले सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश जारी किया कि देश में शिक्षक बने रहने के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा और उसमें पांच साल की सेवा में बचे लोगों को छूट दी जायेगी लेकिन प्रोन्नति में उन्हें छूट नहीं दिया जायेगा। इस कारण...
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