प्रमुख संवाददाता, जनवरी 10 -- सुप्रीम कोर्ट द्वारा टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) अनिवार्य किए जाने के मुद्दे पर केन्द्र सरकार द्वारा राज्यों से पहली से 8वीं कक्षा के वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों की रिपोर्ट मांगे जाने से यूपी के भी 1.86 लाख शिक्षकों की उम्मीद जग गई है। पिछले चार माह से लखनऊ से दिल्ली तक आंदोलन करते चले आ रहे इन शिक्षकों ने अपने करियर को सुरक्षित करने के लिए हर उस जिम्मेदार का दरवाजा खटखटाया जहां से कुछ राहत मिलने की उम्मीद थी। इस दौरान शिक्षकों ने कभी विधायकों को तो कभी सांसदों को इसके लिए अपना ज्ञापन सौंपा। प्रदेश के शिक्षा राज्यमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक के दरवाजे पर दस्तक दी। उन्हें बढ़ती आयु का हवाला देकर रोजी-रोटी न छीनने का अनुरोध किया।देशव्यापी आन्दोलन का दिख रहा असर दिल्ली में देशव्यापी आन्दोलन के दौरान क...