चंदौली, सितम्बर 16 -- चंदौली। टीईटी अनिवार्यता के विरोध में सोमवार को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ और महिला शिक्षक संघ के नेतृत्व में शिक्षकों ने धरना स्थल पर धरना प्रदर्शन किया। वहीं जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इस दौरान टीईटी के ज्वलन्त समस्या के समाधान के लिए प्रधानमंत्री से इस फैसले पर हस्ताक्षेप करने की मांग किया। इस अवसर पर शिक्षकों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय से कक्षा आठ तक पढ़ाने वाले सभी सेवारत शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा अनिवार्य कर दी गई है। चाहे उनकी नियुक्ति की तिथि कुछ भी रही हो। यह स्थिति शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और आजीविका को संकट में डाल सकती है। कहा की टेट शिक्षक पात्रता परीक्षा 2010 में आया। जबकि शिक्षकों की नियुक्ति उससे पहले की गई है।...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.