बरेली, फरवरी 23 -- शिक्षक संगठनों ने संयुक्त रूप से हुई बैठक में लिए गए निर्णयों के क्रम में टीईटी अनिवार्यता के विरोध में रविवार को दोपहर दो से शाम चार बजे तक एक्स (पूर्व नाम ट्विटर) पर शिक्षकों ने हैशटैग अभियान चलाया। हैशटैग जस्टिस फॉर टीचर्स के माध्यम से सभी ने 2011 से पहले की नियुक्ति को टीईटी से मिले मुक्ति की मांग की। शिक्षक संगठनों ने प्रदेश में 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए सेवा में बने रहने के लिए टीईटी अनिवार्यता के फैसले का विरोध कर रहे हैं। सभी का कहना है कि बैक डेट में कभी कोई कानून लागू नहीं किया जाता है। विभिन्न शिक्षक संगठनों ने टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले हैशटैग अभियान चलाया। शिक्षकों के हैशटैग अभियान की वजह से मन की आवाज कार्यक्रम दूसरे नंबर पर आ गया। शिक्षक संगठनों ने सरकार से इस फैसले पर पुनर्...