नई दिल्ली, सितम्बर 29 -- भारत के सबसे बड़े बिजनेस समूह टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा सन्स भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सार्वजनिक रूप से शेयर बाजार में लिस्ट होने का दबाव बनाया है। 30 सितंबर, 2025 की आखिरी डेडलाइ नजदीक आने के साथ ही, यह मामला बहुत चर्चा में है। टाटा ग्रुप इस लिस्टिंग के खिलाफ है और चाहता है कि कंपनी निजी ही बनी रहे।आरबीआई की सख्ती रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI ने टाटा सन्स को एक 'ऊपरी स्तर की नॉन-बैंकिंग वित्तीय कंपनी' (Upper-Layer NBFC) के रूप में वर्गीकृत किया है। इस वर्गीकरण के नियमों के अनुसार, कंपनी को इसकी सूची में आने के तीन साल के भीतर खुद को सार्वजनिक रूप से लिस्ट करना अनिवार्य है। 30 सितंबर, 2025 की डेडलाइन इसी नियम का हिस्सा है।टाटा सन्स की मुश्किल टाटा सन्स इस लिस्टिंग को लेकर तैयार नहीं है। कंपनी का तर्क ह...
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