उन्नाव, फरवरी 20 -- गंजमुरादाबाद। कहते हैं कि अगर इरादे फौलादी हों तो बीमारी की तपिश भी रास्ता नहीं रोक सकती। ऐसा ही कुछ कर दिखाया बांगरमऊ के बल्लापुर गांव की बेटी नैना सिंह ने। शुक्रवार को जब यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की परीक्षा शुरू हुई तो नैना के सामने सिर्फ प्रश्नपत्र नहीं था बल्कि अपनी शारीरिक पीड़ा को हराने की एक बड़ी चुनौती भी थी। केडीसीकेएम इंटर कॉलेज के परीक्षा कक्ष में सब कुछ सामान्य था, तभी अचानक कक्षा 10 की छात्रा नैना सिंह की तबीयत बिगड़ गई। शरीर तेज बुखार से जल रहा था और सिर चकराने लगा। देखते ही देखते वह अपनी सीट पर ढह गई। स्कूल प्रशासन में हड़कंप मच गया, लेकिन उस समय नैना की आंखों में हार की जगह अपना साल बचाने की चिंता साफ दिख रही थी। तत्काल एंबुलेंस बुलाई गई और उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया। डॉक्टरों ने ...