मुख्य संवाददाता, सितम्बर 30 -- टाइगर जिंदा निकला। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम था। डौकी पुलिस को उसे पकड़ने में 23 साल लग गए। वह कुख्यात दस्यु निर्भय गुर्जर के गैंग का सदस्य था। दस्यु गैंग अपहरण के बाद फिरौती वसूलता था। अपहरण किसका होना है, यह चिन्हित करने का काम टाइगर करता था। निर्भय के मारे जाने के बाद वह भाग गया था। कई रूप बदले। कभी ट्रक पर क्लीनर बना, तो कभी ढाबे पर काम किया। पांच राज्यों में फरारी काटी। डौकी पुलिस ने उसे खोज निकाला। डीसीपी पूर्वी सैयद अली अब्बास ने बताया थाना पिढ़ौरा के गांव राटोटी में वर्ष 2002 में 18 वर्षीय हरिओम उर्फ कल्ला का अपहरण हुआ था। बबलू उर्फ टाइगर उर्फ जितेंद्र ने उसका अपहरण कराया था। डौकी पुलिस ने सोमवार की रात उसे गांव नगला देवहंस के पास से गिरफ्तार किया। पुलिस ने पकड़ा, तो वह पुलिस से उलझ गया। क्यों पकड़...
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