चतरा, दिसम्बर 11 -- टंडवा निज प्रतिनिधि। टंडवा और केरेडारी से जिस प्रकार सीसीएल और एनटीपीसी हर रोज कोयले की उत्पादन में इजाफा कर रही है। उससे कंपनियों के साथ ट्रांसपोर्टर मालामाल हैं। मगध में 27 फीसदी लो रेट डालकर डिस्पैच का ठेका लिया गया, वहीं एनटीपीसी में 27 फीसदी लो रेट डालकर ऐश पौंड ट्रांसपोर्टिग का ठेका ले लिया गया। हद तो तब हो गयी जब एक कंपनी के द्वारा घायल के इलाज के लिए देय एक लाख मुआवजा थानेदार से वापस करवाने की मांग करने लगा। लोगों का कहना है कि टंडवा एक चारागाह बना हुआ है। और आम लोग बेबस नजर आ रहे हैं।

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