चतरा, अप्रैल 21 -- टंडवा, निज प्रतिनिधि। झारखंड राज्य के टंडवा और केरेडारी एक अंचल ऐसा है जहां के सड़कों पर चलना मौत और जिन्दगी के बीच चलने के बराबर है। इन सड़कों पर कोल ट्रांसपोर्टिंग कंपनियों का पूरी तरह कब्जा हो गया है। दिन रात कोयला और ऐश पौंड की ढूलाई से लोगों का चलना दुश्वार हो गया है। सुबह का निकला शाम को घर आपस आ जाय तो परिजन भगवान को शुक्रिया दे रहे हैं। जब से सीसीएल के आम्रपाली और एनटीपीसी के केरेडारी और पांडू प्रोजेक्ट से कोयले की ढूलाई टंडवा, सिमरिया, केरेडारी और पिपरवार के सड़कों से हो रही है दूर्घटनाओ के कारण काली सड़कें इंसान के खून से लाल हो गयी है। सांसद कालीचरण सिंह ने तो लोकसभा में यह मामला उठाकर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया। सांसद की मानें तो कोल ट्रांसपोर्टिंग से एक हजार राहगीरों की मौत हो चुकी है। दरअसल उक्त सड़कों पर फोरल...
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