झांसी, दिसम्बर 23 -- किसानों की परेशान थमने का नाम नहीं ले रही हैं। मऊरानीपुर तहसील से सटी ग्राम पंचायतों में किसी तरह फसल हरी-भरी हुई तो मवेशी मुसीबत बन गए हैं। हालात यह है कि अन्नदाताओं का न मौसम फिक्र हैं और न ही रोटी-पानी की चिंता। वह खेतों पर झोपड़ी बनाकर फसलों की रखवाली कर रहे हैं। गांव नयागांव, बरुआमाफ, खिलारा, देवरीघाट, पुरवा, परसारा सहित अन्य 12 गांवों में अब तक गौ आश्रय केंद्रों का निर्माण नहीं हुआ है। इन दिनों खेत-खलिहानों के बाद आवारा मवेशी, वनरोजों के झुंड मुसीबत बना हुआ है। आए दिन मौका देख पशु खेतों में घुस आते हैं और फसलें चौपट कर देते हैं। जमुना प्रसाद, जानकी प्रसाद, राधेश्याम सहित अन्य ने बताया कि बेजोड़ कड़ाके की सर्दी, घने कोहरे के बीच किसान अपनी रबी की हरी, भरी फसलों को बचाने के लिए खेतों पर झोपड़ी एवं मचान बनाकर रात दिन प...
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