रामपुर, नवम्बर 18 -- रामपुर। जरूरत से अधिक होशियारी और रसूख का बेजा इस्तेमाल कई बार बहुत भारी पड़ जाता है। पुत्र मोह में फंसे सपा के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खां के साथ ऐसा ही हुआ। झूठ की बुनियाद पर बेटे को सियासत की सीढ़ी चढ़ाना न सिर्फ आजम बल्कि खुद बेटे अब्दुल्ला को भी भारी पड़ गया। कम उम्र में चुनाव मैदान में अब्दुल्ला को ऐसा उतारा कि पहले दो जन्म प्रमाण पत्र के मामले में सजा हुई और सोमवार दो पैनकार्ड के प्रकरण में। दरअसल, दो पैनकार्ड दो अलग-अलग जन्म प्रमाण पत्रों से ही बनवाए गए थे। जो अदालत में साबित भी हो गया। सपा नेता आजम खां की होशियारी और सियासी रसूख आजम समेत उनके परिवार के लिए मुसीबत बन गया। बात 2017 की है, जब यूपी में विधानसभा उप चुनाव था। इस चुनाव में आजम ने अपने बेटे अब्दुल्ला आजम को स्वार सीट से चुनाव लड़ाया। वह भी तब जब अब्...