रांची, जून 8 -- रांची, संवाददाता। झारखंड के सरकारी अस्पतालों में सेवा दे रहे सैकड़ों विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट (एफएमजी) डॉक्टर बिना किसी स्टाइपेंड के 12-12 घंटे की ड्यूटी कर रहे हैं। जबकि, सुप्रीम कोर्ट और नेशनल मेडिकल कमीशन का स्पष्ट निर्देश है कि एफएमजी डॉक्टरों को भारतीय मेडिकल ग्रेजुएट्स के समान सुविधाएं और वेतन मिलना चाहिए। बावजूद इसके राज्य सरकार की उदासीनता और स्वास्थ्य मंत्रालय की लापरवाही के कारण ये डॉक्टर न सिर्फ आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, बल्कि मानसिक तनाव और निराशा के भी शिकार हो रहे हैं। हम बराबर या उससे ज्यादा काम करते हैं, पर वेतन नहीं : अध्यक्ष ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन-विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. असबाब अहसान अब्दी ने कहा, हम सात महीने से बिना स्टाइपेंड के काम कर रहे हैं। हम रोज 12 घंटे की ड्यूटी ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.