जमशेदपुर, सितम्बर 1 -- झारखंड में बिजली चोरी और लाइन लॉस ने राज्य बिजली वितरण निगम की कमर तोड़ दी है। स्थिति यह है कि कुल 31.17 फीसदी तक बिजली का नुकसान हो रहा है। सिर्फ 1 फीसदी लाइन लॉस कम हो जाए तो हर महीने 3 से 4 करोड़ रुपये की बचत संभव है। लेकिन फिलहाल निगम को हर माह लगभग 124 करोड़ का सीधा घाटा उठाना पड़ रहा है। झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने निगम को लाइन लॉस घटाकर 13 फीसदी तक लाने का लक्ष्य दिया है। बिजली चोरी पर नकेल कसने के लिए निगम ने एंटी पावर थेप्ट (एपीटी) की 119 टीमें बना दी हैं। इनमें क्षेत्रीय स्तर तक के अधिकारी भी शामिल हैं। पिछले चार महीनों (अप्रैल-जुलाई) में इन टीमों ने राज्यभर में अभियान चलाकर 10,179 उपभोक्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और 18.31 करोड़ जुर्माना लगा दिया है। इनमें से 12.83 करोड़ वसूले भी गए। 29 अगस्त को ...
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