रांची, नवम्बर 10 -- रांची, हिन्दु्स्तान ब्यूरो। छत्तीसगड़ हाईकोर्ट के फैसले के बाद आदिवासी आस्था को कानूनी मान्यता मिली है। वहीं, झारखंड की 'हमारी परंपरा-हमारी विरासत' योजना को नई उम्मीद जगी है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आदिवासी ग्राम सभाओं की ओर से धर्मांतरण गतिविधियों पर रोक लगाने संबंधी प्रस्तावों और सूचना पट्टों को पूरी तरह वैध और संवैधानिक करार दिया है। अदालत ने कहा कि पेसा अधिनियम के तहत ग्राम सभाओं को अपनी पारंपरिक संस्कृति और धार्मिक पहचान की रक्षा का अधिकार प्राप्त है। इसकी जानकारी अपर आयकर आयुक्त निशा उरांव ने दी है। उन्होंने बताया कि झारखंड सरकार में पंचायती राज विभाग में प्रतिनियुक्ति के दौरान ही उन्होंने इसका शपथपत्र और प्रारूप तैयार किया था। इसकी परिकल्पना झारखंड में 'हमारी परंपरा, हमारी विरासत योजना' के तहत की गई थी। इसकी मंजूर...
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