रामगढ़, अगस्त 4 -- भुरकुंडा, निज प्रतिनिधि। झारखंड अलग राज्य आंदोलन के प्रणेता, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन उर्फ गुरुजी के निधन की खबर से पूरे कोयलांचल क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। विशेषकर मजदूर संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में गहरा दु:ख व्याप्त है। गुरुजी के निधन को सामाजिक न्याय और श्रमिक हितों की लड़ाई में बड़ी क्षति बताया जा रहा है। झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन के बरका-सयाल क्षेत्रीय अध्यक्ष सह झामुमो पतरातू प्रखंड कमेटी के प्रवक्ता संजय वर्मा ने गहरा शोक जताते हुए कहा कि शिबू सोरेन झारखंड की आत्मा थे। वे न केवल एक राजनेता थे, बल्कि आदिवासी, मूलवासी और गरीबों के मसीहा थे। गुरुजी ने कोयला खदानों में काम करने वाले श्रमिकों के अधिकारों के लिए जिस तरह आवाज उठाई, वह ऐतिहासिक है। उनके ने...
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