मथुरा, जून 2 -- नौहझील। झाड़ी हनुमान मंदिर के महंत रामरतन दास महाराज ने जंगल में मंगल की परिकल्पना साकार कर दिखाई है। आबादी से डेढ़ किमी दूर स्थित मंदिर में हर वक्त रौनक दिखती है। मंदिर पर भक्तों के आवागमन का सिलसिला अनवरत चलता रहता है। सैकड़ों वर्ष पुराने इस मंदिर पर सुदामा कुटी वृंदावन के तेज आभा मंडल की छाया भी पड़ रही है। साकेतवासी महंत भगवान दास महाराज के कृपापात्र महामंडलेश्वर रामकिशोर दास त्यागी महाराज द्वारा यहां लगाए पौधे ने आज वट वृक्ष का रूप धारण कर लिया है। मंदिर के वार्षिकोत्सव का शुभारंभ उन्होंने ही किया था। जगद्गुरु नाभा द्वाराचार्य सुतीक्ष्ण दास महाराज के कृपा पात्र रामरतन दास महाराज ने बाल्यकाल से ही घर त्याग कर अध्यात्म का रास्ता चुना। करीब डेढ़ दशक पूर्व गुरुआज्ञा पाकर झाड़ी हनुमान की सेवा में लग गए। उन्होंने तप व साधना...
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