बगहा, अक्टूबर 3 -- बेतिया/जमुनिया। गौनाहा के कैरी खेखरिया टोला गांव निवासी चरवाहा रामकिशुन महतो पर बाघ ने अचानक झाड़ी से निकलकर हमला किया और उनके गर्दन को अपने जबड़े में दबोच लिया। बाघ के गुर्राने की आवाज सुनकर मैं भी दहशत में आ गया। उक्त बातें कैरी खेखरिया टोला निवासी व बाघ के हमले के चश्मदीद रवि साह ने कही। रवि ने बताया कि उनके साथ बासुदेव राम व रामकिशुन महतो अपने मवेशी को लेकर प्रति दिन की तरह पंडई नदी के किनारे चराने गए थे। मवेशी को चरा कर शाम में वे लोग घर लौट रहे थे। सबसे आगे बासुदेव राम अपनी मवेशी के साथ थे। उनके पीछे रवि साह तथा रवि के पीछे रामकिशुन महतो चल रहे थे। उन्होंने बताया कि बाघ की दहाड़ सुनकर वे पीछे घुमे तो देखा कि बाघ ने रामकिशुन महतो को गिरा दिया है और उनका गर्दन बाघ के जबड़े में था। उसके बाद बाघ उन्हें खींचकर जंगल की तरफ ...
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