लातेहार, मार्च 1 -- लातेहार, प्रतिनिधि। सदर प्रखंड के ईचाक पंचायत के ग्राम दुगिला में पारंपरिक स्वशासन पड़हा व्यवस्था के तहत झंडा बदली एवं धुमकुड़िया वार्षिक उत्सव मनाया गया। इसे संस्कृति बचाओ धरोहर बचाओ के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में उरांव समाज में हो रहे शोषण और अन्याय के खिलाफ लड़ने के लिए जागरूक किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित प्रधान और छात्र नेता कमलेश उरांव ने कहा कि उरांव जनजाति भारत के वास्तविक इतिहास को समाज में बताने का काम करेगी। उरांव जनजाति का अपना इतिहास रहा है। भारत देश के साथ गद्दारी करने वालों से सबसे पहली लड़ाई लड़ने वाला उरांव जनजाति के लोग ही हैं। देश के वास्तविक धर्म और संस्कृति को बचाने में उरांव जनजाति अपना जीवन समर्पित कर दिया है। आज हमारे समाज में विदेशी धर्म अपनाने वाले लोग आकर उरांव समाज को तोड...
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