नई दिल्ली, फरवरी 20 -- ज्योतिष शास्त्र में मारकेश ग्रह एक महत्वपूर्ण अवधारणा है, जो व्यक्ति की आयु, स्वास्थ्य और जीवन में आने वाले संकटों से जुड़ी होती है। मारकेश दोष कुंडली में उन ग्रहों को कहा जाता है जो मृत्यु या मृत्यु तुल्य कष्ट देने वाले होते हैं। यह कोई डरावनी बात नहीं है, बल्कि एक चेतावनी है जो सावधानी और उपाय करने का संकेत देती है। गरुड़ पुराण, फलदीपिका और अन्य ज्योतिष ग्रंथों में मारकेश का विस्तार से वर्णन है। सही विश्लेषण और समय पर उपाय करने से इसका नकारात्मक प्रभाव बहुत कम हो जाता है। आइए समझते हैं मारकेश ग्रह कैसे बनता है और इससे बचाव कैसे करें।मारकेश ग्रह क्या है और कैसे बनता है? ज्योतिष में मारकेश वे ग्रह होते हैं जो द्वितीय (धन-परिवार) और सप्तम (जीवनसाथी-मृत्यु) भाव के स्वामी होते हैं। ये भाव आयु और स्वास्थ्य से जुड़े होते...