वाराणसी, मई 31 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। जातक की जन्म कुंडली से रोग का निदान और इसकी पहचान भी की जा सकती है। अगर किसी व्यक्ति को कोई रोग है तो उसकी चिकित्सा लाभ का विचार लग्न भाव से किया जाता है। यदि लग्न में शुभ ग्रह बैठे हुए हैं तो उसे जो भी चिकित्सक मिलेगा, वह अच्छा उपचार करेगा और लाभ होगा। दशाश्वमेध स्थित शास्त्रार्थ महाविद्यालय में चल रहे ज्योतिष ज्ञान शिविर के 20वें दिन शिविर संचालक ज्योतिर्विद आचार्य संजय उपाध्याय ने यह बातें बताई। उन्होंने प्रशिक्षण ले रहे बटुकों से कहा कि लग्न के चतुर्थ भाव में औषधि के विषय में प्रकाश डाला गया कि यदि शुभ ग्रह बैठे हुए हों तो उस समय जो भी दवा व्यक्ति खाएगा वह लाभप्रद होगा। किन्तु अगर चतुर्थ स्थान में राहु है तो उसको जो भी दवा दी जा रही है वह कारगर नहीं होगी। इस प्रकार हम कुंडली के माध्यम से अप...
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