वाराणसी, अगस्त 15 -- वाराणसी। सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक) भावना भारती की कोर्ट में गुरुवार को ज्ञानवापी के वर्ष 1991 के पुराने मुकदमे में सुनवाई हुई। वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी को हटाने के प्रार्थना पत्र में पारित आदेश में संशोधन के लिए दाखिल प्रार्थना पत्र में वादमित्र ने अपना पक्ष रखा। बहस जारी रखते हुए अदालत अगली सुनवाई के लिए 19 अगस्त की तिथि नियत की है। वादमित्र ने कहा कि कोर्ट ने विधि सम्मत आदेश दिया है। कोर्ट ने सारी कानूनी प्रक्रिया अपनाने के बाद वादमित्र नियुक्त किया। इस मामले में बेटियों की ओर से दाखिल अर्जी खारिज भी हो चुकी है। आदेश को अब सिर्फ जिला व सत्र न्यायालय में ही चुनौती दी जा सकती है। आदेश के संशोधित होने योग्य है ही नहीं। उधर पिछली तिथि पर बेटियों की ओर से अधिवक्ता आशीष श्रीवास्तव ने बहस पूरी कर ली थी। जिसमें...
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