गिरडीह, फरवरी 23 -- बेंगाबाद, प्रतिनिधि। यज्ञाचार्य दिलीप कुमार पाण्डेय ने कहा कि संतोष हो सबसे बड़ा सुख है। खुरचुट्टा दुर्गा मंदिर परिसर में राधा कृष्ण प्राण प्रतिष्ठा को लेकर आयोजित नौ दिवसीय लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के पंचांग पूजन के बाद श्रद्धालुओं के बीच यज्ञाचार्य ने शनिवार की रात प्रवचन में उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि उपलब्ध संसाधनों से जो व्यक्ति संतोष कर लेता है उसे जीवन में परम सुख और आनंद की अनुभूति होती है। इसलिए जिसे जो प्राप्त है उसमें आनंदित रहना चाहिए। कहा कि ईर्ष्या का त्याग कर यज्ञ में सम्मिलित होना चाहिए। शास्त्रों में वर्णित है कि ईर्ष्या को हृदय से हटा देने पर व्यक्ति ईर्ष्या रहित और पवित्र बन जाता है। उन्होंने नगर निवासियों को ईर्ष्या त्याग कर महायज्ञ में सम्मिलित होकर मानव तन को कृतार्थ करने की अपील की है। यज्ञाचा...