गाजीपुर, जून 16 -- गाजीपुर, संवाददाता। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से नगर के मिश्रौलिया स्थित लहुरी काशी समागार में पांच दिवसीय श्री हरि कथा का आयोजन किया गया। कथाव्यास साध्वी शैब्या भारती ने प्रभु राम के परम भक्त हनुमान की गाथा को श्रवण करवाया। बताया कि हनुमान जी जब संजीवनी बूटी लेने के लिए जा रहे थे, तो कालनेमी ने किस प्रकार उन्हें भ्रमित करने का प्रयास किया। कालनेमी, जो कि बाहरी रूप से संत के वेश में है और अपने मुख से राम-राम का उच्चारण कर रहा है। लेकिन वास्तविक रूप में वह एक असुर है। कहा कि कालनेमी की ही तरह आज भी इस समाज में ऐसे गुरु है जो धर्म के नाम पर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। बाहरी वेश, वाकपटुता या उसके पास कितनी भीड़ है, ये गुरु की पहचान नहीं है। जो गुरु हमारे घट में ईश्वर के प्रकाश का दर्शन करा दे, वही सच्चा गुरु है। यह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.