लातेहार, अक्टूबर 4 -- महुआडांड़, प्रतिनिधि। तुगसो पर्व नये अनाज के लिए ईश्वर को धन्यवाद देने और अपनी कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर होता है। यह पुराने व्यवस्था में वर्णित यहूदियों के पर्व से मेल खाता है। यहूदी लोग ईश्वर को फसल के प्रथम फल चढ़ाया करते थे। इसके द्वारा वे स्वीकार करते थे कि सब कुछ ईश्वर का है। पवित्र मिस्सा के दौरान विश्वासियों को याद दिलाया गया कि हम भी याद रखें कि जो कुछ हमारे पास है वह ईश्वर का दिया हुआ है और हमें इसका लेखा देना पड़ेगा। उक्त बातें भारत और नेपाल के लिए वाटिकन के प्रतिनिधि महाधर्माध्यक्ष लेओपोल्दो जिरेली ने कहीं। उनकी उपस्थिति ने विश्वासियों को उत्साह से भर दिया। उन्होने बताया कि तूसगो के इस पर्व को इस वर्ष इसलिए भी अधिक धूमधाम से मनाया जाता हैं क्योंकि इस वर्ष पोप फ्रांसिस के विश्वपत्र लौदातो सी की 10वीं वर्ष...
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