नई दिल्ली, जनवरी 27 -- ग्लोबल जियो-पॉलिटिक्स में इस समय एक अजीब विरोधाभास देखने को मिल रहा है। एक तरफ अमेरिका, जो भारत के साथ एक बड़ी ट्रेड डील करने में अब तक हिचकिचाता रहा है और 'अमेरिका फर्स्ट' की नीति के तहत टैरिफ का डंडा चला रहा है। वहीं दूसरी तरफ, यूरोप ने बाजी मारते हुए भारत के साथ करीब दो दशक से लटके मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंजाम तक पहुंचा दिया है। लेकिन, क्या यह राह इतनी आसान होगी? अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के हालिया बयानों ने इस जश्न के रंग में भंग डालने के संकेत दे दिए हैं। दरअसल भारत और यूरोप एक ऐतिहासिक ट्रेड डील के मुहाने पर खड़े हैं। इससे पहले अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने आरोप लगाया है कि भले ही यूरोप ने रूस के साथ सीधे तौर पर ऊर्जा संबंध तोड़ लिए हों, लेकिन वह चोर दरवाजे से रूस-यूक्रेन युद्ध के लिए फंड...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.