पटना, जुलाई 4 -- बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में सीमांचल के तीन जिलों से 5 सीट जीतकर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और कांग्रेस के लिए खतरा बनकर उभरी असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी पांच साल के अंदर ही विपक्षी महागठबंधन में शामिल होकर 2025 का चुनाव लड़ने के लिए मरी जा रही है। ये वो पार्टियां हैं जो ओवैसी और AIMIM को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की बी टीम बताती रही हैं। एक महीने से एआईएमआईएम के इकलौते बचे विधायक और प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान महागठबंधन को खुला ऑफर दे रहे हैं, लेकिन बात बन ही नहीं पा रही। ईमान ने कई बार कहा कि एआईएमआईएम की तैयारी तो वैसे 50 सीटों पर है लेकिन सेकुलर वोटों का बिखराव रोकने के लिए वो महागठबंधन में एंट्री चाहती है। सीटें कम भी हो तो चलेगा अगर राजद, कांग्रेस, लेफ्ट और वीआईपी साथ ले लें। ईमान लगातार राजद के नेताओं से बात कर रह...
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