मऊ, दिसम्बर 8 -- मऊ, संवाददाता। कुसमौर स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान केन्द्र पर सोमवार को किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी के दौरान फसल की उत्पादकता को बढ़ाने, जैविक खाद का अधिक से अधिक प्रयोग करने, पर्यावरण को संरक्षित करने को लेकर किसानों को जागरुक किया गया। गोष्ठी के दौरान बताया गया कि कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि जैविक खाद जिसको फर्मेंटेड ऑर्गेनिक खाद कहते हैं, यह एक जैविक रूप से स्थिर उत्पाद है, जो पशुओं के गोबर, पौधों के अवशेष, धान की पराली से प्राप्त होता है। यह सरल और जैव उपलब्ध पोषक तत्व पर आधारित होता है। यह मिट्टी की उर्वरता और सूक्ष्मजीवों की गतिविधियों को बढ़ाने में मदद करते हैं। यह खाद धीमी गति से लगातार पौधों को पोषक तत्व प्रदान करता है। साथ ही साथ पोषक तत्वों के अवशोषण की दक्षता में भी सुधार करता है। यह मृदा की संरचना को ...