पलामू, फरवरी 7 -- मेदिनीनगर, अरुण कुमार शर्मा। पलामू जिला में इस वर्ष उर्वरक रूप से की गई आम के फसल पर अल्टरनेट ईयर का प्रभाव प्रत्यक्ष रूप से देखने को मिल रहा है। चियांकी स्थित क्षेत्रीय अनुशंसान केंद्र में पिछले वर्ष के अपेक्षा 5 फीसदी से भी कम मंजर लगा है। जबकि जैविक विधि से मेदिनीनगर के चेडाबार में की गई आम की बागवानी पर अल्टरनेट ईयर का कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। क्षेत्रीय अनुशंसान केंद्र चियांकी के सह निदेशक डॉ अखिलेश शाह ने बताया कि अल्टरनेट ईयर होने के कारण इस वर्ष का क्षेत्रीय अनुशंसान केंद्र सहित पूरे जिले में आम में मंजर 5 फीसदी से भी कम मंजर आया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष क्षेत्रीय अनुशंसान केंद्र के आम की बागवानी में केवल आम्रपाली और मल्लिका किस्म में मंजर आया है। अन्य किस्म के आमों में अल्टरनेट ईयर होने के कारण मंजर नहीं आया...