मुजफ्फर नगर, सितम्बर 11 -- बुधवार को जैन मिलन महावीर के तत्वावधान में श्री दिगंबर जैन मंदिर भागीरथ में क्षमा वाणी पर्व मनाया गया। यह एक ऐसा पर्व है जिसमें जाने अनजाने की गई गलतियों के लिए परस्पर एक दूसरे से क्षमा मांगते हैं । परिवार में समाज में मित्रों में यहां तक की पृथ्वी,जलवायु,वनस्पति,कायिक,जीवो पर पांच इंद्रियां प्राणी मात्र से क्षमा मांगते हैं। प्रधानमंत्री ने भी समय-समय पर इस पर्व की प्रशंसा की है ।आज के युग में जहां क्रोध प्रत्येक व्यक्ति के सिर पर राजा बन बैठा है, विश्व में चारों ओर हम राग, द्वेष, इर्ष्या, जलन आदि दिखाई दे रहे हैं, तब क्षमा रुपी जल से ही हम इन्हें शांत कर सकते हैं। क्षमा वाणी पर आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं क्तों ने अपने-अपने विचार रखें । डॉ चंद्र मोहन शर्मा ने इतिहास के अनेक उदाहरण देकर क्षमा के महत्व को समझ...