बागपत, जनवरी 6 -- बड़ौत। नगर की अजीत नाथ सभागार मंडी में धर्म सभा आयोजित की गई। जिसमें आचार्य विमर्श ने प्रवचन कर धर्म मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। जैन मुनि ने कहा कि जिस प्रकार अग्नि में ईधन को डालने से अग्नि और बढ़ती चली जाती है, उसी प्रकार सांसारिक विषय वासना है। इसकी पूर्ति करने से मिटती नहीं बल्कि और बढ़ जाती है। वासना से बचने के लिए आकांक्षा छोड़ना अनिवार्य है। इन्द्रियों की एक बार मांग पूरी कर दी जाए तो वह सदैव मांग करती रहती हैं। जो पांचों इन्द्रियों के विषयों से निवृत हो जाता है, वही आत्म-ध्यान कर पाता है और आपने परमात्मा को उपलब्ध होता है। धर्म सभा में बड़ी संख्या में जैन श्रद्धालु मौजूद रहे।
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